उत्तर प्रदेश

नदियों के उफान से UP बेहाल! 19 जिलों में बाढ़, 26 गांव बने टापू

यूपी के 19 जिलों में बाढ़ से हालात बिगड़े। 92 गांवों की फसलें प्रभावित, 26 गांव टापू बने। काशी में पुलिस चौकी डूबी, प्रयागराज में श्मशान जलमग्न हुआ।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Flood in UP: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। प्रदेश के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 92 गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि 26 गांवों का संपर्क प्रभावित होकर वे टापू जैसे हालात में पहुंच गए हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

काशी में गंगा का पानी चौकी तक पहुंचा

वाराणसी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का असर शहर के निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। पानी बढ़ने से दशाश्वमेध घाट स्थित पुलिस चौकी जलमग्न हो गई। इसके अलावा गंगा की सहायक वरुणा नदी का पानी भी कई स्थानों पर किनारों से बाहर निकलने लगा है। वरुणा कॉरिडोर और आसपास की कई सड़कें पानी में डूब गई हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों तक भी बाढ़ का पानी पहुंचने की खबर है। जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना का उफान

प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है। इससे तटीय इलाकों और निचले मोहल्लों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। संगम क्षेत्र में पानी बढ़ने के कारण बड़े हनुमान मंदिर तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

बाढ़ का असर दारागंज इलाके में भी देखने को मिला है। यहां घाट के पास स्थित श्मशान स्थल पानी में डूब गया, जिसके चलते लोगों को सड़क पर अंतिम संस्कार करने की मजबूरी सामने आई है। प्रयागराज में जलस्तर के आंकड़ों के मुताबिक फाफामऊ में गंगा 81.27 मीटर, छतनाग में गंगा 80.30 मीटर और नैनी में यमुना 80.63 मीटर तक पहुंच चुकी है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

ललितपुर में तेज बहाव में बही बाइक

ललितपुर में भी बाढ़ और बारिश का असर खतरनाक रूप में सामने आया। पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद एक युवक वहां से गुजरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान पानी के तेज बहाव में उसकी बाइक बह गई। इस घटना ने प्रशासन की ओर से नदी-नालों और जलमग्न रास्तों पर सतर्कता बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।

26 गांवों का संपर्क प्रभावित

लगातार बारिश और नदियों के उफान के कारण कई गांवों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। 26 गांवों में पानी भरने से वे चारों तरफ से कटकर टापू जैसे नजर आने लगे हैं। वहीं, 92 गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की नजर संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर की स्थिति यह तय करेगी कि बाढ़ का संकट कितना गंभीर रूप लेता है।

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